पशु सदैव कला के इतिहास में एक स्थायी स्थान रखते रहे हैं — प्रतीक, साथी, शिकार-दृश्यों के केंद्रीय पात्र या शरीर रचना और गति के अध्ययन के रूप में। यह पशुचित्रों का संग्रह घोड़े, पक्षी, कुत्ते और जंगली जीवों को समेटता है, जिन्हें विभिन्न युगों और परंपराओं के कलाकारों ने अपनी शैली में प्रस्तुत किया है।